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चीन और चाइना माल |

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गाहे-बगाहे रोड पे चलते हुए आपको एक ऐसा करैक्टर जरुर मिल जाता होगा….जो लाल रंग के abidas (adidas के जगह )के जुत्ते पहने हुए ….पिला रंग का lewi’s (levi’s ) का जीन्स …एक चमचमाता हुआ रंगबिरंगा कमीज़ ..आँखों में ray bon (ray ban की जगह ) का चश्मा …. नीले रंग का बाल स्पाइक कट में….और अपने 10 इंच के मोबाइल को कान पे लगाये हुए बहुत ही बिजी ….जैसे किसी से बहुत बड़ा डील का रहा हो| 
एक जमाना था जब महंगे सामान,TV,मोबाइल,ब्रांडेड शूज अमीरों के पास ही हुआ करते थे | पहनावे से ही मालूम चल जाता था की ये गरीब है और ये अमीर या फिर कहें ये गंवार है और ये शहरी | चाइना हर उस चीज़ को गांवों में पहुंचा दिया है जिसे वो पहले टकटकी लगाये देखा करता था और अपनी हालत पे मन मसोस कर रहा जाता था |मानाकि अभी भी वो ब्रांडेड चीज़ नही पहनता हो या use नहीं करता हो लेकिन अगर आप अपने Iphone पे गेम खेलते हुए …विडियो देखते हुए …गाने सुनते हुए इतरा रहे हैं और सोंच रहे हैं की बगल में बैठा हुआ इन्सान गंवार है तो आपको सावधान होने की जरुरत है …भालान्ही उसके पास Iphone नहीं हो लेकिन उसके 5000 के चाइना मोबाइल में इतने सारे features होंगे की आपका phone उसके सामने पानी मांगता नज़र आएगा ….बड़ा स्क्रीन और गाने का volume इतना ज्यादा की पूरा गाँव सुन सके| वो सारे चीज़े use करने लगा है जो आप कर रहे हैं ….same पैकेजिंग स्टाइल सिर्फ नाम में हल्का सा बदलाव ….PONDS के जगह PONS….Ipod जगह Itod …..Sony Tv के बदले Soni TV|
चाइना के साथ भारत के जैसे भी रिश्ते रहे हों लेकिन गरीब और अमीर के बिच वाली खाई को कम करने में ‘चीन’ और इसके सस्ते प्रोडक्ट्स का बहुत बड़ा हाँथ है |

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